MS Dhoni Retirement: धोनी ने लिया संन्यास, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

MS Dhoni Retirement: धोनी ने लिया संन्यास, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट : div class='at-above-post addthis_tool' data-url='https://www.dehuti.com/ms-dhoni-retirement/'/divदो बार के विश्व कप विजेता भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (International cricket) को अलविदा (Retirement) कहकर पिछले एक साल से उनके भविष्य को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लगा दिया। गैर पारंपरिक शैली में कप्तानी और मैच को अंजाम ...

कॉलेज की पार्ट टाइम जॉब करते हुए बना ली 2.5 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनी

मानव और नीति एक जूस की रीटेल चेन चलाते हैं, जिसका नाम है 'जूस लाउंज'। इस नाम से लगभग 50 आउटलेट्स हैं। साथ ही ये दंपति जोड़ा शॉरमा, सैंडविच, पास्ता के लिए अलग से एक फूड चेन चलता है, जिसे नाम दिया है 'रोलाकॉस्टा'। लेकिन जूस लॉन्ज और रोलाकॉस्टा की शुरुआत मौसमी के उस जूस की तरह कड़वी है, जिसमें पल्प के साथ-साथ सीड्स भी पिस जाते हैं...

मानव शीतल और नीति अग्रवाल, को- फाउंडर, जूस लॉन्ज। फोटो साभार: theweekendleader छायाकार: एच के राजशेखर। 
 
मानव शीतल और नीति अग्रवाल एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। दोनों ने एक ही स्कूल में पढ़ाई की। मानव जब 9वीं क्लास में थे तब नीति 7वीं में पढ़ती थीं, लेकिन दोनों में दोस्ती काफी गहरी थी। दोनों ने बाद में लव मैरिज कर ली, लेकिन उन्हें साथ जिंदगी बिताने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा और संघर्षों के इस साथ से ही जन्म हुआ उस कंपनी का जो आज वार्षिक तौर पर 2.5 करोड़ का टर्नओवर दे रही है। इस दंपति के आउटलेट्स इंडिया के अलावा मलेशिया, बहरीन, कतर और मालदीव जैसे देशों में भी हैं...

अगले पांच साल में मानव और शीतल ने जूस लॉन्ज की 200 से ज्यादा स्टोर्स खोलने का लक्ष्य बनाया है। इनके प्यार और समर्पण को देखकर लगता है कि इस लक्ष्य को भी ये दंपति जोड़ा बड़ी आसानी से हासिल कर लेगा। मानव और नीति दोनों के लिए अपने आप को साबित करना और सफलता हासिल करना एक चुनौती थी। मानव मिठीभाई कॉलेज से बी. कॉम कर रहे थे और नीति जेडी इंस्टीट्यूट से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स। उस वक्त सेविंग्स के लिए दोनों पार्ट टाइम काम किया करते थे। मार्केट रिसर्च से लेकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने जैसा कोई भी काम मिलता वे करने लगते थे। इसके लिए वे दिन रात की परवाह भी नहीं करते थे। जहां मानव ने रात को डीजे बजाने का काम किया, वहीं नीत अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए कपड़े डिजाइन करती थीं। काम की कशमकश और भागदौड़ में दोनों इतने बिजी हो गए कि उन्हें साथ में समय बिताने के लिए वक्त ही नहीं मिलता था। 40 साल के मानव अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि वे देर रात मूवीज़ देखने जाते थे, क्योंकि दिन में उन्हें समय ही नहीं मिलता था।

नीति को मानव से बेहद प्यार था। शादी से पहले नीति के पापा को जब उनके रिश्ते के बारे में पता चला, तो उन्होंने मानव के साथ उनकी शादी करने से मना कर दिया। उनका कहना था, कि एक किराए के मकान में रहने वाले लड़के के साथ अपनी बेटी का रिश्ता कैसे कर दें। क्या पता था, कि ये लड़का आगे चलकर 2.5 करोड़ टर्नओवर की कंपनी खड़ी कर लेगा।

1998 का वक्त था। इन छोटे-छोटे कामों से उनका गुजारा लंबे समय तक नहीं चल सकता था, इसलिए दोनों ने मिलकर कुछ बड़ा करने का सोचा। किसी तरह से इकट्ठा किए गए 25,000 रुपयों से उन्होंने मुंबई के जुहू इलाके में एक कोरियर सर्विस के लिए दुकान खोली, जो कि एक दोस्त के गैरेज में चलती थी। बाद में उन्होंने कुछ दोस्तों से पैसे उधार लेकर बकायदा कमर्शियल शॉप ले ली। धीरे-धीरे उनकी कमाई बढ़ती गई औऱ फिर उन्होंने रियल एस्टेट में भी इन्वेस्ट किया। उस वक्त प्रॉपर्टी के दाम बहुत ज्यादा नहीं होते थे। महज कुछ लाख रुपयों में छोटी प्रॉपर्टी मिल जाती थी। उन्होंने पहली बार मलाड में 9.5 लाख रुपये में एक शॉप खरीदी। इधर कोरियर का बिजनेस भी अच्छा चल रहा था। उन्होंने कोरियर की दुकान में एक कोने में दो कंप्यूटर खरीदकर साइबर कैफे भी खोल दिया।

मानव ने अपना डीजे का काम जारी रखा और एक्स्ट्रा इनकम के लिए रात को कॉर्पोरेट इवेंट्स के लिए वे डीजे सर्विस देते थे। उन्होंने थोड़ी बहुत जानकारी जुटाकर 2005 में जूस बार खोलने का फैसला किया। अंधेरी के छोटे से दुकान में 4 लाख रुपये लगाकर खोलने वाली दुकान ने आज उन्हें 2.5 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाली कंपनी का मालिक बना दिया है। अंधेरी के बाद उन्होंने एक और आउटलेट खोला था, जिससे उन्हें लगभग 30 लाख का टर्नओवर हासिल हुआ था।

संयोग से जूस खोलने के दो साल के भीतर नीति के पिता राजी हो गए और दोनों ने घरवालों के आशीर्वाद से शादी भी कर ली। इसके बाद उन्होंने खुद का घर भी खरीदा। आज दो दशक बाद दोनों एक जूस की रीटेल चेन चलाते हैं। उनकी कंपनी का नाम है 'जूस लाउंज'। इस नाम से लगभग 50 चेन हैं। इसके अलावा वे शॉरमा, सैंडविच, पास्ता के लिए अलग से फूड चेन है जिसका नाम है रोलाकॉस्टा। और चाट बेचने के लिए भी उन्होंने चेन खोल रखा है जिसका नाम है 'चाट ओके प्लीज'। इनके फूड आउटलेट्स इंडिया के अलावा मलेशिया, बहरीन, कतर और मालदीव जैसे देशों में भी हैं। जूस लाउंज के बारे में बताते हुए नीति कहती हैं कि हमारे यहां जूस के अलावा एनर्जी ड्रिंक्स, रियल फ्रूट्स और तमाम तरह के नए फलों के जूस बनाए जाते हैं और चाट के आउटलेट्स में भारत की सड़कों पर बिकने वाले चाट को पूरे हाइजेनिक तरीके से बनाया जाता है। ये सारे बिजनेस वे ब्लैक ऑरकेड्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चलाते हैं, जिसमें मानव और नीति दोनों बराबर के स्टेकहोल्डर्स हैं। उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर लगभग 2.5 करोड़ के करीब है।

जब नीति और मानव से पूछा गया कि साथ काम करते वक्त कैसा लगता है तो वे हंसते हुए कहते हैं, 'आज के दौर में बहुत से पति पत्नी आपस में ठीक से बात नहीं करते हैं। उनके बीच में कम्यूनिकेशन गैप होता है। लेकिन हम यहां इतनी बातें करते हैं कि समय कम पड़ जाता है।' इस प्यारे से कपल की एक प्यारी सी बेटी भी है जिसका नाम है, दिया शीतल। अगले पांच साल में दोनों ने 200 से ज्यादा स्टोर खोलने का लक्ष्य बनाया है। इनके प्यार और समर्पण को देखकर लगता है कि इस लक्ष्य को ये बड़ी आसानी से हासिल कर लेंगे।

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