MS Dhoni Retirement: धोनी ने लिया संन्यास, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

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हनुमान चालीसा पढ़ते समय भूल से भी न करें ये गलतियाँ, वरना हो जायेगा अनर्थ


हनुमान चालीसा तुलसीदास की अवधी में लिखी एक काव्यात्मक कृति है जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। यह अत्यन्त लघु रचना है जिसमें पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति की गई है। इसमें बजरंग बली‍ की भावपूर्ण वंदना तो है ही, श्रीराम का व्यक्तित्व भी सरल शब्दों में उकेरा गया है।
वैसे तो पूरे भारत में यह लोकप्रिय है किन्तु विशेष रूप से उत्तर भारत में यह बहुत प्रसिद्ध एवं लोकप्रिय है। लगभग सभी हिन्दुओं को यह कंठस्थ होती है। कहा जाता है कि इसके पाठ से भय दूर होता है, क्लेष मिटते हैं। इसके गंभीर भावों पर विचार करने से मन में श्रेष्ठ ज्ञान के साथ भक्तिभाव जाग्रत होता है।

ऐसा माना जाता है की हनुमान चालीसा का पाठ करने से मनुष्य के जीवन की सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। कई बार लोग भगवान को प्रसन्न करने के लिए कड़ी से कड़ी साधना करते हैं और तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं  लेकिन वो इस बात को नहीं समझ पाते की भगवान इस चालीस के लाइनों के पाठ से भी प्रसन्न हो जाते हैं और आपके कर्मों का फल देते हैं। पुरातन काल से ही भगवान को खुश करने के लिए कई तरीके चले आ रहे हैं उन्हीं में से एक चालीसा का पाठ करना भी है। कलयुग के समय हनुमान चालीसा सबसे शक्तिशाली मानी जाती है|

हनुमान चालीसा तो हम सभी के घरों में होता होगा। हनुमान चालीसा से हम सभी भली-भांति परिचित हैं और कई लोगों को तो यह पूरी तरह से याद भी होगा। अक्सर देखा जाता है कि चालीसा का पढ़ने के बावजूद कई लोगों को उनकी हर समस्या का हल मिल रहा है तो कुछ को हर समय समस्याएं घेरे रहती हैं। लेकिन अगर आपको बहुत दिनों तक हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद भी कुछ खास लाभ नहीं मिल रहा है तो इसका मतलब है की जरुर आप हनुमान चालीसा पाठ करने में कोई गलती कर रहे है |तो आइये जानते है की कब और कैसे करें हनुमान चालीसा का पाठ जिससे कि भगवान हनुमान जी की पूर्ण कृपा हम प्राप्त कर सकें

इन नियमों का करें पालन
हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले शुद्धता का खास ख्याल रखना होता है इसके लिए हमेशा नहा धोकर  शुद्ध वस्त्र धारण करके ही इस पाठ को करना चाहिए  और इसके साथ ही हनुमान जी को भी स्नान करा देना चाहिए |

जिस आसन पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना है वह आसन लाल रंग का ही होना चाहिए।

पाठ शनिवार या मंगलवार को शुरु करें और लगातार 40 दिनों तक करते रहे। इसके अलावा, हर शनिवार और मंगलवार को अगले 11 शनिवार और अगले 11 मंगलवार तक एक दिन में 21 बार पाठ करें

हनुमान चालीसा के पाठ करने से पहले हनुमान जी की प्रतिमा पर चमेली के तेल और सिंदूर से श्रृंगार कर उन्हें   जनेऊ  अवश्य पहनाएं।

कहा जाता है कि अगर हनुमान जी को प्रसन्न करना है तो सबसे पहले उनके प्रभु राम को प्रसन्न करना अच्छा रहता है। इसलिए सबसे पहले राम का नाम लें।इसके बाद हनुमान जी का स्मरण करके हनुमान चालीसा का पाठ करना प्रारंभ करें।

पाठ संपन्न होने के बाद भगवान की मूर्ती के समक्ष पवित्र जल से भरा हुआ एक बर्तन रखें. अब आप आँखें बंद करके सचे मन से चालीसा का जाप करें. हो सके तो कम से कम इस चालीसा का पाठ 3 बार से लेकर 108 बार करें.अगर आप इन बातों का ध्यान रखते हैं तो आपको हनुमान चालीसा का मनोवांछित फल अवश्य मिलेगा

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